ठंड में जरूर खाएं ये 8 चीजें, इनसे मिलती है शरीर को गर्मी

ठंड के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शरीर को चाहे कितने ही गर्म कपड़ों से ढक लिया जाए ठंड से लड़ने के लिए बॉडी में अंदरूनी गर्मी होनी चाहिए। शरीर में यदि अंदर से खुद को मौसम के हिसाब से ढालने की क्षमता हो तो ठंड कम लगेगी और कई बीमारियां भी नहीं होंगी। यही कारण है कि ठंड में खानपान पर विशेष रूप से ध्यान देने को आयुर्वेद में बहुत महत्व दिया गया है। सर्दियों में यदि खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए तो शरीर संतुलित रहता है और सर्दी कम लगती है।

जो लोग जिम जाकर बॉडी बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी यह मौसम बड़े काम का है। इस मौसम में स्वस्थ रहने और सर्दी से बचने के लिए बाहरी उपायों के अतिरिक्त हमारे यहां खान-पान पर भी जोर दिया जाता है।

इस मौसम में सर्दी-जुकाम होने की आशंका ज्यादा रहती है, ऐसे में अपने शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक्सपर्ट अपने खाने में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स को शामिल करने का सुझाव देते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में:

  1. बाजरा:

    कुछ अनाज शरीर को सबसे ज्यादा गर्मी देते है। बाजरा एक ऐसा ही अनाज है। सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी बनाकर खाएं। छोटे बच्चों को बाजरा की रोटी जरूर खाना चाहिए। इसमें कई स्वास्थ्यवर्धक गुण भी होते है। दूसरे अनाजों की अपेक्षा बाजरा में सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है। इसमें वह सभी गुण होते हैं, जिससे स्वास्थ्य ठीक रहता है। ग्रामीण इलाकों में बाजरा से बनी रोटी व टिक्की को सबसे ज्यादा जाड़ो में पसंद किया जाता है। बाजरा में शरीर के लिए आवश्यक तत्व जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैग्नीज, ट्रिप्टोफेन, फाइबर, विटामिन- बी, एंटीऑक्सीडेंट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

  2. बादाम:

    बादाम कई गुणों से भरपूर होते हैं। इसका नियमित सेवन अनेक बीमारियों से बचाव में मददगार है।अक्सर माना जाता है कि बादाम खाने से याददाश्त बढ़ती है, लेकिन यह ड्राय फ्रूट अन्य कई रोगों से हमारी रक्षा भी करता है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है, जो सर्दियों में सबसे बड़ी दिक्कत होती है। बादाम में डायबिटीज को निंयत्रित करने का गुण होता है। इसमें विटामिन – ई भरपूर मात्रा में होता है।

  3. अदरक:

    क्या आप जानते हैं कि रोजाना के खाने में अदरक शामिल कर बहुत सी छोटी-बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। सर्दियों में इसका किसी भी तरह से सेवन करने पर बहुत लाभ मिलता हैै। इससे शरीर को गर्मी मिलती है और डाइजेशन भी सही रहता है। अदरक कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है तथा यह विटामिन ए, विटामिन डी, और विटामिन ई का एक अच्छा माध्यम भी है। इसके अलावा अदरक में मैग्नीशियम, आयरन, ज़िंक, कैल्शियम आदि बहुत अच्छी मात्रा में होते हैं।
    अधिकतर लोगों के दिन की शुरूआत चाय पी कर ही होती है। लेकिन यदि आप आपके दिन की शुरूआत साधारण चाय की जगह अदरक की चाय से करेंगे तो आपको भरपूर स्वाद के साथ सेहत के भी कई फायदे मिलेंगे। अदरक की चाय ठंड में अक्सर पी जाती है क्योकि यह सर्दी में होने वाली बीमारियो से राहत दिलाती है। अदरक की चाय को दवाई के रूप में भी पी सकते हैं क्योंकि इसमें एंटी-इनफ्लमेटरी, एंटी बैक्टीरियल और एंटीआक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह आपको कई तरह की समस्याएं जैसे गैंस, अपच, सर्दी, सिर दर्द आदि से निजात दिलाती है।

  4. शहद:

    शहद का प्रयोग पुराने समय से चलता आ रहा है। हर घर में शहद होता है लेकिन शहद के कई गुणों के बारे में अभी तक आपको पता न हो। प्राचीन समय से मधु यानि कि शहद का इस्तेमाल तीस फीसदी से अधिक चिकित्सा में यानि कि बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। शहद में एंटीआक्सीडेंट तत्व होते हैं यह आपको कई बीमारीयों से बचाते है साथ ही यह आपकी सुंदरता को बढ़ाने के काम भी आता है। हाल ही में हुए शोध में वैज्ञानिकों ने भी इस बात को माना है कि शहद में मौजूद गुण इंसान की त्वचा को प्राकृतिक रूप से सुंदर बनाते हैं। सर्दियों में यदि ठंड की वजह से सिर में दर्द हो रहा हो तो शहद में दालचीनी का पाउडर मिलाकर उसका लेप सिर पर लगाएं।
    शरीर को स्वस्थ, निरोग और उर्जावान बनाए रखने के लिए शहद को आयुर्वेद में अमृत भी कहा गया है। यूं तो सभी मौसमों में शहद का सेवन लाभकारी है, लेकिन सर्दियों में तो शहद का उपयोग विशेष लाभकारी होता है। इन दिनों में अपने भोजन में शहद को जरूर शामिल करें। इससे पाचन क्रिया में सुधार होगा और इम्यून सिस्टम पर भी असर पड़ेगा।

  5. ओमेगा-3 फैटी एसिड:

    सर्दियों में ओमेगा – 3 फैटी एसिड सबसे अच्छा फूड होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड एक प्रकार की वसा है। यह शरीर में हार्मोन्स के निर्माण के साथ शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करती है। यह अखरोट जैसे सूखे मेवों, मूंगफली, अलसी, सूरजमुखी, सरसों के बीज, कनोडिया या सोयाबीन, स्प्राउट्स, टोफू, गोभी, हरी बीन्स, ब्रोकली, शलजम, हरी पत्तेदार सब्जियों और स्ट्रॉबेरी, रसभरी जैसे फलों में काफी मात्रा में पाया जाता है।

  6. मूंगफली:

    100 ग्राम मूंगफली के भीतर ये तत्व मौजूद होते हैं:

    प्रोटीन 25.3 ग्राम
    नमी 3 ग्राम
    फैट्स 40.1 ग्राम
    मिनरल्स 2.4 ग्राम
    फाइबर 3.1 ग्राम
    कार्बोहाइड्रेट 26.1 ग्राम
    ऊर्जा 567 कैलोरी
    कैल्शियम 90 मिलीग्राम
    फॉस्फोरस 350 मिलीग्राम
    आयरन 2.5 मिलीग्राम
    कैरोटीन 37 मिलीग्राम
    थाइमिन 0.90 मिलीग्राम
    फोलिक एसिड 20मिलीग्राम

    इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनिरल्स आदि तत्व इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। यकीनन इसके गुणों को जानने के बाद आप कम से कम इस सर्दि में मूंगफली से टाइमपास करने का टाइम तो निकाल ही लेंगे।

  7. सब्जियां:

    अपनी खुराक में हरी सब्जियों का सेवन करें। सब्जियां, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और गर्मी प्रदान करती है। सर्दियों के दिनों में मेथी, गाजर, चुकंदर, पालक, लहसुन बथुआ आदि का सेवन करें। इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

  8. तिल:

    सर्दियों में तिल खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तिल तीन प्रकार के होते हैं- काले, सफेद और लाल। काले तिल सभी तिलों में श्रेष्ठ होते हैं।

    • तिल में प्रोटीन, कैल्शियम और बी कॉम्प्लेक्स बहुत पाया जाता है।
    • तिल के सेवन से मानसिक दुर्बलता एवं तनाव दूर होता है।
    • पचास ग्राम तिल प्रतिदिन खाने से कैल्शियम की आवश्यकता पूरी होती है।
    • प्रतिदिन दाँत साफ करने के बाद एक बड़ा चम्मच तिल खाएँ। दाँत मजबूत होंगे।
    • बाल असमय सफेद हो जाएँ या झड़ते हों, तो रोजाना तिल का सेवन करें।
    • तिल पीस कर शुद्ध घी और कपूर के साथ मिला कर जले स्थान पर इसका लेप लगाएँ।
    • कब्ज होने पर पचास ग्राम तिल भूनकर, कूट कर मीठा मिला कर खाएँ।
    • तिल व मिश्री को पानी में उबाल कर पिएँ। सूखी खाँसी दूर हो जाएगी।
    • तिल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियाँ भून कर उस तेल की बूँदे कान में डालें। कान का दर्द ठीक हो जाएगा।
    • तिल के तेल में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला कर मुँह के छालों में लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं।
    • फटी हुई एड़ियों पर गर्म तिल के तेल में सेंधा नमक और मोम मिलाकर लगाने से फायदा होता है।
    • तिल को पीस कर मक्खन के साथ मिला कर नियमित रूप से चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है और चेहरे के कील मुँहासे भी समाप्त होते है।

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