चिकनगुनिया | कारण, लक्षण और उपाय

चिकनगुनिया क्या है? (What is Chikungunya?)

चिकनगुनिया एक विषाणुजनित रोग है जो एडीज मच्छर एइजिप्टी के काटने के कारण फैलती है। पहली बार चिकनगुनिया को 1952 में दक्षिणी तंजानिया में सूचित किया गया था। और अब ये बीमारी दुनियाभर के 60 से अधिक देशों में फ़ैल चुकी है। एक बार फैलने के बाद अक्सर यह बीमारी 7-8 साल के मध्यान्तर के बाद दुबारा फैलती है। उदहारण के लिए मध्यप्रदेश में 2009-10 में चिकनगुनिया फैला था और इस समय 2017 में एक बार फिर यह चर्चा में है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण लगभग एक समान होते हैं।​ इस बुखार का नाम चिकनगुनिया स्वाहिली भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है ”ऐसा जो मुड़ जाता है” और यह रोग से होने वाले जोड़ों के दर्द के लक्षणों के परिणामस्वरूप रोगी के झुके हुए शरीर को देखते हुए प्रचलित हुआ है।

चिकनगुनिया फैलता कैसे है? (How does Chikungunya spread?)

जब चिकनगुनिया से ग्रसित किसी आदमी को कोई मच्छर काटता है और फिर वही मच्छर किसी और आदमी को काट लेता है तो दुसरे व्यक्ति को भी चिकनगुनिया हो जाता है। मादा मच्छर ( Aedes Aegypti और Aedes albopictus) मच्छर की प्रमुख प्रजातियाँ हैं जो इस बीमारी को फैलाती हैं । ये मच्छर दिन में काटते हैं। चिकनगुनिया का वायरस carry करने वाला एक मच्छर अपने जीवन काल में करीब 1 दर्जन लोगों को इन्फेक्ट कर सकता है।

चिकनगुनिया के लक्षण (Symptoms of Chikungunya)

इसके शुरूआती लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते हैं और आम तौर पर ये जानलेवा नहीं होता। लेकिन इसकी वजह से होने वाला जोड़ों का दर्द महीनो तक परेशान कर सकता है। यदि एक बार आपको चिकनगुनिया हो गया तो शरीर इसकी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है और बहुत मुश्किल है कि जीवन में आपको दुबारा ये बीमारी होगी।
चिकुनगुनिया के लक्षण मच्छर के काटने के ३ से ७ दिन बाद दिखाई देते हैं। निचे लिखे हुए लक्षणों से आप इसे पहचान सकते है:

  • उल्‍टी होना
  • एक से तीन दिन तक बुखार के साथ जोड़ों में दर्द और सूजन होना
  • कंपकपी और ठंड के साथ बुखार का अचानक बढ़ना
  • सरदर्द होना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • थकान
  • उल्टी
  • शरीर पर छोटे-छोटे लाल धब्बे

इन लक्षणों के अलावा भी निचे लिखे हुए और लक्षण भी कभी-कभी देखने को मिलते है:

  • मुंह के छाले
  • आंख आना (conjunctivitis)
  • मुंह का स्वाद चला जाना

चिकनगुनिया ठीक करने के लिए घरेलू उपाय (Home remedies for Chikungunya)

आयुर्वेद में चिकनगुनिया से मिलती जुलती एक बीमारी संधि-ज्वर यानि “जोड़ों का बुखार” का उल्लेख मिलता है। इसलिए वैद्यों द्वारा इस बीमारी के कई आयुर्वेदिक उपचार बताये गए हैं। आयुर्वेद में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढाने पर जोर दिया जाता है ताकि हम बीमार ही ना पड़ें।

  • शहद और नीबू का मिश्रण लेने से इस बीमारी में आराम मिलता है।
  • बुखार कम करने के लिए तुलसी का प्रयोग करें।
  • खूब आराम करें, अधिक सोयें और खूब पानी पीयें।
  • एक हेल्थी डाइट मेन्टेन करें और ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • चिकनगुनिया से छुटकारा पाने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम काफी है, पर खुद को आराम देकर आपको अपनी बॉडी को सपोर्ट करना होगा।
  • जोड़ों के दर्द के लिए नारियल तेल से हल्की-हल्की मालिश की जा सकती है।
  • गाजर के जूस का सेवन करने से बॉडी की इम्युनिटी बढती है और शरीर को आराम मिलता है।
  • जिन जोड़ों में दर्द है उनसे हलकी एक्सरसाइज करना भी दर्द को कम करता है।
  • नारियल का पानी और फलों के रस को पिने से भी शरीर को जल्दी आराम मिलता है।

इस आर्टिकल के माध्यम से मेने बहुत सी जानकारी देने की कोशिश की है पर ज्यादा जानकारी और अच्छे इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना न भूले। और आपको यह पोस्ट कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताएं।

धन्यवाद्।

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