डिमेंशिया नामक बीमारी कहीं आपको तो नहीं ?

डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी में इंसान को रोजमर्रा के काम में भी दिक्कत होने लगती है। इस बीमारी के चलते इंसान दिशाओ के बारे में भी भूलने लगता है। डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति की याददाशत भी कमज़ोर हो जाती है। वे अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाते। कभी-कभी वे यह भी भूल जाते हैं कि वे किस शहर में हैं, या कौनसा साल या महीना चल रहा है। बोलते हुए उन्हें सही शब्द नहीं सूझता। उनका व्यवहार बदला बदला सा लगता है और व्यक्तित्व में भी फ़र्क आ सकता है।

डिमेंशिया एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। डिमेंशिया की शिकायत होने पर आदमी की याद्दाश्‍त लगभग समाप्‍त हो जाती है और वह सबकुछ भूल जाता है। डिमेंशिया मस्तिष्‍क की कोशिकाओं के नष्‍ट होने के कारण होता है। सिर में चोट लगना या फिर अल्‍जाइमर के कारण इस बीमारी के होने का खतरा ज्‍यादा होता है।

इस रोग के बारे में ज्यादा जानकारी इकठ्ठे करने के लिए यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन ने कंप्यूटर गेम डेवलपर्स के साथ मिलकर ‘सी हीरो क्वेस्ट ‘ नाम का वर्चुअल रियलिटी गेम बनाया है।

मोबाइल एप के रूप में यह खेल पहले से मौजूद था लेकिन डिमेंशिया के लिए खासतौर पर वीआर के रूप में इसे विकसित किया गया है। इस खेल में एक बोट का कप्तान बनकर नौका को कई भूल-भुलैया से होते हुए रास्ता पार करना होता है। इस दौरान हिमखंड, रेगिस्तान के साथ कई बड़े जानवर भी सामने आते है। इन सबसे बचते हुए रास्ता खोजना पड़ता है।

आमतौर पर डिमेंशिया के मरीज रास्ते याद नहीं रख पाते है। इस खेल के आधार पर यह सब जानकारी और आंकड़े इकठे किये जाते है। बाद में न्यूरोसाइंटिस्ट इसका अध्यन करते है। इस खेल को खेलने वाले डिमेंशिया पीड़ितों के इकठे किये गए आंकड़े पहली बार साल २०१६ में न्यूरोसाइंटिस्ट की अंतर्राष्ट्रीय मीटिंग में प्रस्तुत किये गए थे।

इसमें सामने आया था कि किशोरावस्था के बाद रास्ते याद रखने की क्षमता पर असर पड़ता है। यह बात भी सामने आई कि पुरुषो की अपेक्षा महिलाओ में दिशाओ और रास्तो की याद कम होती है।

प्रातिक्रिया दे