क्यों शादी के बाद मायके जाने के लिए तरस जाती है लड़कियाँ ???

लड़कियों की शादी के बाद उसका अपना घर मायका और पति का घर ससुराल बन जाता है। जहां वो पली, बड़ी, जवान हुई उसको उस घर से ही पराया कर दिया जाता है। ससुराल वालो को बहु का मायके के प्रति प्यार और स्नेह अच्छा नहीं लगने लगता है। मायके से मोह ससुराल वालो को रास नहीं आने लगता है।

क्यों करते है ऐसा कुछ लोग आइये जानते है इस आर्टिकल के जरिये

आज साक्षी को भी उसके और राजीव  के बीच हुई वो खट्टी-मीठी बाते बहुत याद आ रही थी। वो भी इसीलिए क्यूंकि जो पति उससे सिर्फ प्यार भरी बाते करता था, आज उसने उसका रौद्र रूप उसको दिखा दिया था। जिससे वो काफी डर गई थी। ऐसा भी क्या हुआ था, जो सिर्फ प्यार करने वाला इंसान आज साक्षी के लिए इतना खतरनाक बन चूका था जो उससे प्यार से नहीं बल्कि हर बात को गुस्से से कर रहा था। क्या हुआ था आज साक्षी के पति को, जो वो इतना बदल गया। साक्षी ने आज फिर अपने मायके जाने को उससे कह जो दिया था क्या गलत कह दिया था आज उसके पिताजी की तबियत खराब थी वो हॉस्पिटल में एडमिट थे, उन्हें साक्षी की आज जरूरत थी। उसने साक्षी को कह दिया तुम बार बार अपने मायके जाती रहती हो और तुम्हारे पापा की तबियत खराब है तो क्या हुआ और भी रिश्तेदार है न तुम्हारे पापा का ख्याल रखने को। तुम्हे जाने की क्या जरूरत है।

  • क्या उसे शादी के बाद सिर्फ उसका और सास-ससुर का ख्याल रखने का ही हक़ था????

  • क्या उसका अपने माँ-बाप का ख्याल रखने का हक़ खत्म हो गया था ???

  • क्या उसे सिर्फ ससुराल में रहने की ही इजाजत थी ??

  • क्या उसे उसके मायके जाने का हक़ खत्म हो गया था ?

साक्षी के पति को यह जरूर समझना चाहिए की वो आपसे शादी करके आ गई है इसका मतलब यह नहीं है की वो अपने मायके से रिश्ते नाते ही तोड़ दे। वो भी दुनिया की ही रीत निभा रही थी उसे भी अपने मायके जाना अच्छा लगता था। और जाती भी क्यों नहीं उसके अपने पापा को उसकी आज सबसे ज्यादा जरूरत थी। उसे उसके पापा मम्मी की याद बहुत सता रही थी तो वो उसके मम्मी पापा से मिलने जाना चाहती थी और यह बात उसके पति को इतनी बुरी लग गई की उसने साक्षी को इतना कुछ सुनाया जो साक्षी ने कभी सोचा भी न था की उसका पति उसको इतना भी बुरा बोल सकता है। उसके पति ने तो उसको तलाक देने तक की भी बात बोल दी, साक्षी को अब भी यह समझ नहीं आ रहा था की क्या उसने मायके जाने के लिए अपनी इच्छा उसके पति को बोलकर इतना बड़ा गुनाह कर दिया जो बात इतनी बढ़ गई और उसका रिश्ता खतरे में आ गया।

आज वो मायूस बैठी ही थी और उन सब प्यारी प्यारी बातो को याद करके उसे हसना और रोना भी आ रहा था उसके मन में यही सवाल था क्या यही होती है एक लड़की की जिंदगी ? जिसने जन्म दिया, बड़ा किया, परवरिश की और आज उनसे मिलने को ही वो तरस रही थी। उसे बहुत बुरा लग रहा था उसका मन इतना हो रहा की अभी उठ के चली जाए वो अपने मायके उसके अपने पापा के पास जिन्हे उसकी जरूरत है। मगर उसे रह रह कर अपने माँ बाप का ख्याल आ रहा था की वो ऐसी बाते सुनेगे तो कितना टूट जाएंगे वो ?? बस यही सोच के फिर वो उन्ही हसीं बातो को और आज हुई बातो को सोचने लगी की इंसान कितना जल्दी बदल जाता है। कल इतना प्यार था और आज कुछ भी नहीं??? उसे दुनिया बहुत मतलबी सी दिखाई दे रही थी उसका विश्वास उठता जा रहा था , उसे नफरत होने लगी थी अपने ही आप से। वो यह सोच-सोच कर अपने आप को हारा हुआ महसूस कर रही थी कि जब वो राजीव को और उसके माता पिता को इतना प्यार सम्मान देती है तो राजीव ऐसा क्यों क्र रहा है आज उसके साथ। आज उसके मन में राजीव के लिए भी न के बराबर प्यार और सम्मान बचा था। और साक्षी ने आज राजीव को छोड़ अपने माता पिता को ही चुना क्यूंकि उसके माता पिता का बस एक वही सहारा थी। फिर उसी शाम साक्षी बैग पैक कर बिना कुछ कहे अपने घर चली गई। और जाते ही अस्पताल पहुंची जहां उसके पिता की तबियत बहुत ही ज्यादा सीरियस थी। मगर साक्षी ने एक आंसू अपनी आँखों से गिरने न दिया और अकेले ही अपने पिता को इलाज के लिए दूसरे शहर ले गई।
और अब साक्षी कभी रोती नहीं है और वो रोए भी क्यों ???? लड़की होना कोई गुनाह नहीं है।

मै इस एक हकीकत के जरिये तमाम उन पुरुषो से बस यही एक गुजारिश करना चाहती हूँ कि आप जब किसी लड़की से शादी करते है तो आप उसके परिवार से भी कही न कही बंध जरूर जाते है जैसे की वो आपके परिवार से जन्मो जन्म के लिए बंधी है। उसे जब तक उसकी सांसे है वो बस आपकी और आपके परिवार के लिए हमेशा ही खड़ी है मगर जब उसे कभी अपने मायके या फिर उसके माता पिता को उसकी जरूरत हो तब आप उसे उनके पास अवश्य जाने दे और आप भी जाइये। सुख में तो हर कोई साथ देता है मगर आज जरूरत है दुःख में साथ देने वाले इंसानो की। तो आप एक अच्छा बेटा, अच्छा पति, और जिम्मेदार दामाद बनिये। फिर देखिये आपकी जिंदगी बहुत ही खुशनुमा हो जाएगी।

प्रातिक्रिया दे