माँ-बाप

माँ-बाप की यह गलती पड़ती है बच्चों पर भारी

माँ-बाप अक्सर बच्चो के सामने आपस में लड़ने झगड़ने लगते हैं लेकिन क्या आपने सोचा है की आपका ये रवैया आपके बच्चो पर कैसा असर डालता है? हाल ही में की गयी रीसर्च से यह बात सामने आयी है की बच्चो के व्यव्हार में ९०% असर उनके पेरेंट्स के व्यव्हार का होता है| ऐसे में बच्चे अक्सर मानसिक रूप से बीमार हो जाते है|

आईये जानते है माँ-बाप के आपसी झगड़े का बच्चे पर क्या क्या असर पड़ता है!

  1. डिप्रेशन में चले जाना : ज्यादातर बच्चे अपने माता पिता के झगड़ालू व्यव्हार को देखकर डिप्रेशन में चले जाते है क्योकि उनको खुशहाल माहौल और प्यार नहीं मिलता, ऐसे में पेरेंट्स को अपने बच्चो को प्यार देना चाहिए|
  2. भय में जीना : एक दूसरे से लड़ते और गाली गलौच करते माता पिता को देखकर बच्चे को हमेशा डर के साये में जीना पड़ता है|
  3. मानसिक रूप से परेशान होना : ऐसे माहौल में रहने वाले बच्चो को मानसिक रूप से समस्या हो सकती हैं और उनका भोलापन कहि खो जाता है|
  4. जिंदगी में बहुत कुछ खो देना : जिन बच्चो के घर में हमेशा कलह रहती है उनका मानसिक विकास भी अच्छे से नहीं होता है और वो बचपन की शैतानियों को कहि खो देते है|
  5. एक समस्या समझने लगते है : जब पेरेंट्स हर बात पर झगड़ा करने लगते है तो उसको लगता है की वही इसकी जड़ है और उन्हें सिर्फ बच्चे की वजह से दिक्कत है जो उसके लिए सबसे घातक होता है|
  6. कभी भरोसा न कर पाना : झगड़ालू माँ-बाप के साथ पलने वाले बच्चे जिंदगी में इतने निराश हो जाते है की कोई उन्हें प्यार देता है तो उसमे भी उन्हें फरेब दीखता है|
  7. गुस्सैल होना : झगड़ने वाले अभिभावकों की परवरिश में बच्चा हमेशा गुस्सैल हो जाता है, उसमे चिड़चिड़ापन अपने आप आने लगता है|

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